रांचीः झारखंड में सत्तारूढ़ दलों ने मुख्य विपक्ष बीजेपी के नेताओं पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के दौरान विभिन्न जिलों में अवैध तरीके से फॉर्म 7 भरने का रोप लगाया है.
शुक्रवार को सत्तारूढ़ दलों के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा और इस मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की.
भाजपा कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के एजेंटों (BLA) के पास बड़ी संख्या में कथित तौर पर अवैध तरीके से भरे गए फॉर्म-7 मिलने का आरोप लगाया गया है.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के साथ राजद और माले नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिलकर कथित तौर पर अवैध तरीके से भरे गए फॉर्म-7 मिलने की जानकारी दी है.
ज्ञापन के अनुसार, गढ़वा जिला के रंका प्रखंड में भाजपा कार्यकर्ता शिव प्रसाद सोनी तथा पुराने बूथ संख्या 354 और 355 में भाजपा के बीएलए नन्दलाल यादव, खपरी पंचायत के बूथ संख्या 407 और 409, गोड्डा जिले के बाघाकोल पंचायत के बूथ संख्या 38 और चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत काशीयाडीह पंचायत के बूथ संख्या 404 और 405 से कथित रूप से बड़ी संख्या में फॉर्म-7 बरामद किए गए हैं.
सूची से नाम हटाने की कोशिश
ज्ञापन के हवाले आरोप सत्तारूढ़ दलों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि इन फॉर्म-7 के माध्यम से वास्तविक और वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा सकती है. इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मताधिकार को प्रभावित करने की आंशका है.
योग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित भाजपा कार्यकर्ताओं और बीएलए के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा संबंधित जिलों में हाल में जमा सभी फॉर्म-7 के आधार पर नाम हटाने की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की गई है. साथ ही घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराने और एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है.
