झारखंड में जेएसएसी और जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ राज्य के बीजेपी सांसदों ने बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया और जेएमएम- कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा के सांसद आदित्य प्रसाद साहू के नेतृत्व में सांसदों ने झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. साथ ही जेपीएससी की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की सीबीआई से जांच कराने और दोषियों पर कठोर कारवाई करने की मांग की.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की.
प्रदर्शन में लोकसभा के सांसद ढुलू महतो, निशिकांत दुबे, वीडी राम, मनीष जायसवाल, विद्युतवरण महतो, कालीचरण सिंह, राज्यसभा के सांसद प्रदीप वर्मा मुख्य तौर पर शामिल थे.
इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने छात्रों एवं युवाओं के मुद्दे पर कांग्रेस पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस दिल्ली में छात्रों के मुद्दे पर हाय-तौबा मचा रही है जबकि दूसरी तरफ झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल सहित अन्य भर्ती परीक्षा घोटाले पर उनकी जुबान खामोश है.
उन्होंने कहा, “सिपाही भर्ती दौड़ में झारखंड के 19 बच्चों की मौत हो गई. जेएमएम-कांग्रेस के नेताओं की जुबान इस मामले पर बंद क्यों है. कांग्रेस दोहरी राजनीति करती है. दिल्ली के मामले में कांग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से छात्रों को भड़काने का काम करती है, जबकि जहां झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार है वहां पर आप लोगों के मुंह पर ताला बंद क्यों है.”
बीजेपी सांसदों ने उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में शामिल अभ्यर्थियों की मौत पर उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे और इन गड़बड़ियों के लिए सीएम से इस्तीफे की भी मांग की.
