रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जारी सीआइडी जांच के बीच बुधवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक विरोध मार्च निकाला.
मार्च के बाद छात्र अलबर्ट एक्का चौक पर काफी देर तक प्रदर्शन करते रहे.
इस दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही और कई प्रमुख मार्गों पर जाम की वजह से वाहनों की कतारें लगी रहीं.
हाथो में तख्तियां और झंडे लेकर विरोध मार्च में शामिल छात्र, युवा जेपीएससी की परीक्षा की सीबीआइ जांच की मांग के साथ 14वीं सिविल सेवा की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे.

विरोध मार्च के मद्देनजर अलबर्ट एक्का चौक सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी और बैरिकेडिंग कर स्थिति पर लगातार नजर रखी गई.
हालांकि छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. इससे पहले सुबह से ही राज्य के अलग-अलग इलाकों से छात्रों, युवाओं का रांची पहुंचना शुरू हो गया था.

अलबर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्र वापस जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से जुड़े परीक्षा विवाद और कथित गड़बड़ियों के खिलाफ तथा सीबीआइ जांच की मांग को लेकर जेएलकेएम के नेता और छात्र हितों को लेकर संघर्ष करने वाले देवेंद्र नाथ महतो और उनके सहयोगियों ने 29 जुलाई को पद यात्रा और छह अगस्त को विधानसभा घेराव ऐलान किया था.

इससे पहले रांची के मोराबादी स्थित बापू वाटिका में इन्हीं मागों को लेकर छात्र कई दिनों से धरने पर बैठे थे. .
देवेंद्र नाथ महतो ने अलबर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा है कि झारखंड में छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा की परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है.
छापे के बाद चेयरमैन का इस्तीफा
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और परीक्षाओं का संचालन करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के ठिकानों पर 21 जुलाई को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की छापेमारी के बाद उसी दिन आयोग के चेयरमैन एल ख्यांग्ते ने इस्तीफा दिया था.
अगले दिन 22 जुलाई को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया था.
दो दिनों से सीआइडी की टीम एल ख्यांग्ते से लगातार पूछताछ कर रही है. उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है.
प्रशासनिक हलके में माना जा रहा है कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार के सख्त रुख को देखते हुए चेयरमैन ने अपना इस्तीफा दिया है.
हालांकि, उन्होंने मीडिया से कहा है कि निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने इस्तीफा दिया है. और किसी भी गड़बड़ी में वे शामिल नहीं रहे हैं.
जांच एजेंसी ने इसी मामले में आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और परीक्षा लेने वाली एजेंसी के आठ लोगों के अलावा पोड़ैयाहाट के मार्केटिंग अफसर अभय़ तिवारी (कुल 10 ) लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है.
इनमें से पांच को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. सीआइडी की इस कार्रवाई के मद्देनजर छात्रों और युवाओं के बीच परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर संदेह और गहराता जा रहा है.
जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा के पीटी रिजल्ट को लेकर पहले ही कई सवाल खड़े किए गए हैं.
