रांचीः जेपीएससी और जेएसएसी की परीक्षाओं में व्यापक गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ रांची में विधानसभा घेराव करने निकले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ मंगलवार को बीजेपी के झारखंड बंद का जनजीवन पर कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिला.
रांची समेत कई शहरों में दुकानें खुलीं रहीं और यातायात सामान्य रहा. रेलवे और हवाईमार्ग पर भी कोई असर नहीं दिखा. व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी दिन होते खुलने लगे.
हालांकि पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और एबीवीपी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अलग-अलग जगहों में सड़कों पर उतरे. टायर जलाकर और सड़क जाम कर बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर नारेबाजी करते दिखे. बीजेपी के कार्यकर्ता पार्टी के झंड़े लेकर निकले थे. छात्रों के समर्थन में वे सरकार के खिलाफ आक्रोशपूर्ण नारेबाजी करते दिखे. पार्टी ने बंद को ऐतिहासिक रूप से सफल बताया है.
रांची में विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. बंद के मद्देनजर रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के साथ सभी चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों में पुलिस बलों की तैनाती की गई थी.
रांची में सभी प्रमुख नेता सड़कों पर निकले
रांची में बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी, पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही, के अलावा मनोज सिंह, वरुण साहू, श्री अमित सिंह, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, सत्यनारायण सिंह, ललित ओझा, संजय जायसवाल सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और दुकानदारों एवं व्यवसायियों से अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने का आग्रह किया.
अभाविप का विधानसभा घेराव
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध एवं विद्यार्थियों की मांगों के समर्थन में मंगलवार को शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव किया गया.
विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया.
विधानसभा घेराव के दौरान अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह, झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी सहित 200 से अधिक अभाविप कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया.
अभाविप के प्रतनिधियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.
