रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों और परीक्षा एजेंसियों के कारनामे के खिलाफ रांची में जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार द्वारा परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने और आयोगों की जवाबदेही को लेकर छात्रों से मांगे गए सुझाव के तहत अब तक 8500 युवाओं ने सरकार को अपने सुझाव भेजे हैं.
सरकार ने इस अभियान का नाम “छात्रों की बात – छात्रों के साथ” दिया है. साथ ही जेपीएससी 14वीं की परीक्षा और जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा रद्द करने और सीबीआइ जांच की मांग के मद्देनजर सरकार ने आइआइटी, आइएसएम तथा एक्सएलआऱआइ से भी सुझाव लेकर अमल में लाने का भरोसा दिलाया है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स पर बताया है , (https://samvad.jharkhand.gov.in) के तहत अब तक झारखंड के 8,500 से अधिक युवा साथियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. ओएमआर से लेकर परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, तकनीक के बेहतर उपयोग और जेपीएससी जेएसएसी में संवैधानिक दायरे में आवश्यक और जरूरी सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव हमारे पास आ रहे हैं. जैसा मैने पहले भी कहा हमारा उद्देश्य केवल समस्याओं पर चर्चा करना ही नहीं है. हम वर्तमान की चुनौतियों का समाधान करते हुए ऐसी परीक्षा व्यवस्था का निर्माण करना चाहते हैं, जो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए और पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो.
सोरेन ने कहा है “झारखंड के अपने सभी युवा साथियों से फिर अपील करता हूँ कि आप सभी अपने सुझाव देना जारी रखें. आपका एक सुझाव केवल आज की परीक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों-लाखों युवाओं का भविष्य बेहतर बनाने में योगदान देगा. यह सुधार राज्य सरकार का अकेला प्रयास नहीं होगा.”
