रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों और रांची में लगभग तीन हफ्ते से जारी छात्रों के आंदोलन को लेकर बीजेपी के आरोपों और हमले से तिलिमलायी सत्तारूढ़ कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि छात्रों को बीजेपी ही भड़का रही है. विधानसभा घेराव के दौरान बीजेपी ने ही कई राज्यों से लड़कों को बुलाया था.
इसके साथ ही झारखंड कांग्रेस के नेता, छात्रों के सवाल पर राहुल गांधी को बीजेपी के द्वारा निशाने पर लिए जाने से भी बचाव करते दिख रहे हैं. बुधवार को झारखंड में कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों ने प्रेस कांफ्रेस में बीजेपी पर निशाना साधा.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है, जबकि बीजेपी इस आंदोलन में दूसरे राज्यों से कैडर बुलाकर इसे उग्र बनाने और राजनीतिक रोटी सेंकने का काम कर रही है.
सदन में हंगामे को लेकर
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी छात्रों के मुद्दे पर केवल राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम सभी ने 10 अगस्त को कार्य मंत्रणा समिति में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन बीजेपी विधायक सदन में रहने के बजाय सीएम आवास का घेराव करने चले गए. सरकार सदन में तथ्यात्मक चर्चा और छात्रों के हित में निर्णय लेने को तैयार थी. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि छात्र सरकार के साथ संवाद चाहती है, लेकिन बीजेपी ने इस प्रदर्शन को हाईजैक कर लिया है. कृषि मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने सीबीआइ की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. कई मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी फेल रही है. बीजेपी जानबूझकर सीबीआइ जांच की मांग करवा कर अपने हिसाब से जांच को प्रभावित करना चाहती है.
आदित्य साहू माफी मांगें
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के द्वारा राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पुलिस ने छात्रों को विधानसभा परिसर से बाहर करने के लिए केवल एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का पालन किया था. कोई छात्र लहूलुहान नहीं हुआ है. बीजेपी जंतर-मंतर पर तो छात्रों से नहीं मिलती, लेकिन यहां छात्रों का चोला पहनकर राजनीति कर रही है.
