रांचीः करम पर्व के उत्सवी माहौल के बीच पश्चिम बंगाल से लेकर झारखंड में कुड़मी सियासत गरमाई हुई है. रविवार को बंगाल के पुरुलिया स्थित कोड़ाडीह मैदान में आयोजित करम महोत्सव में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का शामिल होने राजनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस महाजुटान में सीएम ने कई घोषणा की. साथ ही झारखंड के विधायक जयराम कुमार महतो पर भी इशारों में तंज कसा. अब जयराम ने सीएम के इसी तंज पर कहा है कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है. जवाब जरूर देंगे, थोड़ा इंतजार कीजिये
झारखंड में कुड़मियों और युवाओं के बीच तेजी से उभरते राजनीतिक चेहरे जयराम महतो ने एक्स पर कहा है, “माननीय मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी जी, आपको जोहार अगर कोई विधायक या सांसद टिका टिप्पणी करता तो मैं इग्नोर कर देता लेकिन आप एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं इसलिए इस क्रिया का प्रतिक्रिया जरूर मिलेगा वो भी तथ्यों एवं तर्कों के साथ, थोड़ा इंतजार कीजिये.”
सीएम ने सचेत किया
मानभूम-पुरुलिया की राजनीति के एक अनुभवी चेहरा और कुड़मी समाज के नेता अजीत प्रसाद महतो के नेतृत्व में आयोजित कोड़ाडीह के उत्सव में लाखों की भीड़ आकर्षण का केंद्र रही. साथ ही मंच पर बीजेपी तथा एनडीए के कई नेता भी मौजूद रहे. जाहिर तौर पर करम पर्व के बहाने कुड़मी राजनीति को भी सलीके से हवा दी गई.
इस दौरान बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो पर इशारों में हमला बोला. उन्होंने कुड़मी समाज को सचेत करते हुए कहा कि समाज को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो उनकी मांगों को सही राजनीतिक और संवैधानिक पटल पर रख सके, न कि केवल चुनावी रैलियों तक सीमित रहे.
कोड़ाडीह कार्यक्रम को लेकर जयराम की टिप्पणी चर्चे में
दरअसल, कुछ दिन पहले जयराम महतो ने पुरुलिया में होने वाले “करम परबतीया महा जड़ूआही–2026” को लेकर होने वाले महाजुटान के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी बीजेपी का समर्थन बताया था. हालांकि , उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर यह विशुद्ध रूप से समाज का सांस्कृतिक कार्यक्रम है, तो यह अच्छी बात है. और वे इसके लिए शुभकामनाएं देते हैं. जयराम ने पहले ही इस कार्यक्रम से दूरी बना ली थी.
20 सितंबर को उधर पुरुलिया में कुड़मियों का महाजुटान था, तो इधर डुमरी में जयराम करम पर्व उत्सव के रंग में रंगे थे.
