रांची- झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को स्पष्ट किया है कि नोटिस प्राप्त मतदाताओं को सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय या निर्धारित स्थल पर जाने की आवश्यकता नहीं है.
मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) खुद घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें ई-सीनेट पोर्टल पर अपलोड करेंगे, ताकि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पारदर्शी निर्णय लिया जा सके. हालांकि, जो मतदाता खुद ईआरओ कार्यालय आकर अपनी बात रखना चाहते हैं, उनके लिए वहां अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी.
चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी स्थिति में स्थल पर पहुंचे मतदाता को अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण बिना सुनवाई लौटना न पड़े.
कैंप लगाए जाएंगे
जिन मतदाताओं ने 2024 की मतदाता सूची के तहत फॉर्म भरा है, लेकिन किसी कारण प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए, उनके लिए विशेष आउटरीच कैंप आयोजित कर दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे.
आयोग ने विशेष रूप से पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह), दिव्यांगजनों, वृद्धों, श्रमिकों, बेघर तथा बिना माता-पिता के विवरण वाले मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने पर जोर दिया है.
निर्वाचन कार्यालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर मामले का गहन परीक्षण कर स्पष्ट और कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए. एसआईआर का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट से छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो सके.
पीवीटीजी, दिव्यांग के लिए
के. रवि कुमार ने अधिकारियों को पीवीटीजी, दिव्यांगजन, जनजातीय समूह, वृद्ध मतदाता, श्रमिक, गरीब और बेघर मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है. ऐसे मतदाता, जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें भी विशेष रूप से चिन्हित कर सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है. आवश्यकता के अनुसार विशेष कैंप और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर इन मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी.
