कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ हमला बोलते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है.
गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को देश के लिए “सबसे बड़ा खतरा” बताते हुए उन पर लोकतंत्र को नुक़सान पहुंचाने का आरोप लगाया.
दीपके ने कहा कि लोकतंत्र का मतलब है कि जनता अपने प्रतिनिधियों और सरकार को चुनती है.
उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद सरकार यह तय कर रही है कि कौन वोट दे सकेगा और कौन नहीं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसे लोकतंत्र कहा जा सकता है.”
दीपके ने ज्ञानेश कुमार पर बेहद तीखे आरोप लगाए और एसआईआर के जरिए 13 करोड़ से ज्यादा मतदाता नामों को हटाए जाने का दावा किया। उनके मुताबिक इससे लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है।
सीजेपी के संस्थापक ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है और इससे लोकतंत्र की मूल भावना बदल गई है.
दीपके ने ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे के लिए 48 घंटे का समय दिया है. उन्होंने कहा कि अगर 48 घंटे में इस्तीफ़ा नहीं दिया गया तो सीजेपी देशभर में आंदोलन शुरू करेगी और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक पीछे नहीं हटेगी.
वहीं, प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सीजेपी के सौरव दास ने ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा और उनके ख़िलाफ़ क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स की मांग की है. साथ ही उन्होंने आने वाले चुनाव होल्ड करने, एसआईआर को फ्रीज़ करने और जनवरी 2025 के वोटर रोल करने की मांग की.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सौरव दास ने साल 2023 में चुनाव आयुक्त चुनने के लिए बनाए गए क़ानून को वापस लेने की मांग की.
