रांची। बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित हेर-फेर के मामले में हेमंत सोरेन पर आरोप तय करने को लेकर गुरुवार की ईडी की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई.
गुरुवार को हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए. सुनवाई के दौरान उन्होंने अभियोजन पक्ष द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों को देखने के लिए समय देने का अनुरोध किया.
इस दौरान हेमंत सोरेन ने अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया. उनकी ओर से कहा गया कि ईडी ने हाल ही में कुछ दस्तावेज अदालत में पेश किए हैं, जिनका अवलोकन कर उनके संबंध में आवश्यक जानकारी हासिल करने के लिए उन्हें समय चाहिए.
इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि अभी आरोप गठन (चार्ज फ्रेमिंग) का समय है और ऐसे दस्तावेजों का यह स्टेज नहीं है, क्योंकि वे दस्तावेज सीधे तौर पर इस चरण से जुड़े नहीं हैं.
हालांकि, अदालत ने हेमंत सोरेन के आग्रह और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए दस्तावेजों के अवलोकन के लिए छह दिन का समय प्रदान किया.
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई और आरोप गठन की प्रक्रिया के लिए 30 सितंबर की तिथि निर्धारित की है. उस दिन अदालत सुबह 11:15 बजे सुनवाई करेगी.
वर्तमान में इस मामले में सिर्फ हेमंत सोरेन पर ही आरोप तय किया जाना शेष रह गया है, जिस पर 30 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से अदालत के प्रति पूरा सम्मान व्यक्त करते हुए कहा गया कि वे अदालत के आदेशों और कानून का पूरा सम्मान करते हैं.
हस्तक्षेप याचिका खारिज हो चुकी है
इससे पहले हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में दायर हस्तक्षेप याचिका खारिज हो चुकी है.
उस याचिका में उनके डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज करने के विशेष अदालत के आदेश पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था.साथ ही ट्रायल कोर्ट में मामले की आगे की कार्यवाही पर भी रोक लगाने की मांग की गई थी.
हाईकोर्ट ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी थी.
गौरतलब है कि यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल में 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और दस्तावेजों में हेरफेर से जुड़ा है. इस मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन किया जा चुका है.
