भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने विपक्षी दलों के सांसदों से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है.
सीजेआई ने मुलाकात न कर पाने के पीछे कुछ कारण भी दिए हैं, लेकिन पत्र की गोपनीयता का हवाला देते हुए उन्होंने इन्हें सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.
मीडिया से बातचीत के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने सोमवार को कहा, “मुझे कल उनका (विपक्ष) पत्र मिला था. मैंने उसका कल रात में ही जवाब दे दिया है. मैंने कुछ कारण दिए हैं, जिनके आधार पर अपनी असमर्थता व्यक्त की है कि मैं मिल नहीं पाऊंगा.”
उन्होंने यह भी कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दरवाज़े सभी के लिए खुले हैं. किसी भी आम नागरिक या चुने हुए निकाय के सदस्य की याचिका का स्वागत है. हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाज़ा खटखटाने का अधिकार है, और हम उनकी बात सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे.”
सीजेआई सूर्यकांत से वन नेशन-वन इलेक्शन पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सुप्रीम कोर्ट दौरे को रद्द किए जाने के बारे में भी सवाल किया गया.
इस पर उन्होंने कहा, “उस मामले (वन नेशन-वन इलेक्शन जेपीसी की बैठक) में अदालत में हितों के टकराव की स्थिति पैदा होने की संभावना थी. इसी वजह से हमने प्रशासनिक स्तर पर इस पर चर्चा की. मेरे वरिष्ठ न्यायिक साथियों और मेरी एक राय थी कि हमें हितों के किसी भी टकराव से बचना चाहिए.”
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बताया था कि उन्होंने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीजेआई सूर्यकांत से मुलाकात के लिए पत्र लिखकर समय मांगा था.
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब विपक्षी दलों ने सोमवार, 12 अक्टूबर को चुनावी अधिकारों की रक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है.
