केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि झारखंड में जेएमएम-राजद-कांग्रेस की सरकार कोयला चोरी को बढ़ावा देने के लिए एमएमडीआर एक्ट का विरोध कर रही है.
शनिवार को रांची स्थित पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने खनिज विकास और विनियमन संशोधन कानून को लेकर इसके कई फायदे गिनाते हुए झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है.
उन्होंने कहा कि झारखंड, खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। सच्चाई यह है कि इस कानून में बदलाव होने से झारखंड में नए निवेश और रोजगार के पर्याप्त अवसर बढ़ेंगे। राज्य के युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिलने की संभावना में वृद्धि होगी और पलायन पर भी काफी हद तक रोक लगेगी।
मकसद पारदर्शी बनाना है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कानून का मुख्य मकसद खनन क्षेत्र में टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह से सुसंगत और पारदर्शी बनाना है. इस संशोधन से राज्य सरकार की मनमर्जी पर लगाम लगेगी. नीलामी के बाद जिस प्रकार से राज्य की सरकार नए-नए टैक्स और सेस लगा देती थी, इस कारण कारोबारियों को काफी परेशानी होती थी. सेस एवं बकाया टैक्स के नाम पर उनके साथ दोहन और शोषण होता था, इससे उन्हें मुक्ति मिलेगी.
इन सारी परेशानियों को दूर करने की दिशा में यह अधिनियम बड़ा कदम है। भारत सरकार देश स्तर पर समान कर और टैक्स लगाएगी. राज्य सरकार का इस पर कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2047 के विकसित भारत को गति देने और प्रत्येक राज्य को आगे बढ़ाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। एमएमडीआर विधेयक में संशोधन इसी कड़ी का एक हिस्सा है.
सिर्फ झारखंड के लिए तो लागू नहीं हुआ
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम केवल झारखंड में नहीं लागू हुआ है बल्कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल आदि जगहों पर भी लागू किया गया है, इसमें से कई कांग्रेस शासित राज्य हैं वहां इस अधिनियम के विरोध की बजाय स्वागत हो रहा है. केवल झारखंड में ही इसका विरोध किया जा रहा है. सभी राज्य अधिनियम के फायदे को बखूबी समझ रहे हैं.
झारखंड में व्यवस्था ध्वस्त
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां तक झारखंड में इसके विरोध की बात है तो यहां की सारी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। राज्य सरकार समय पर ऑक्शन नहीं कराती. झारखंड सरकार वैधानिक रूप से राजस्व नहीं चाहती है, यह राज्य के सरकारी खजाने में राजस्व नहीं चाहती है बल्कि यह व्यक्तिगत राजस्व में वृद्धि चाहती है. इसलिए इस अधिनियम का विरोध किया जा रहा है। झारखंड सरकार कोयला चोरी को बढ़ावा देने के लिए इस अधिनियम का विरोध कर रही है.
प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह एवं मृत्युंजय शर्मा, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी सतीश सिन्हा एवं सूरज शाहदेव भी उपस्थित रहे.
