रांचीः झारखंड में बहुचर्चित शराब घाटोले केस को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है.
बाबूलाल मरांडी ने जनहित याचिका के जरिए मांग की है कि शराब घोटाले की जांच सीबीआइ से कराई जाए.
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया है कि वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ मॉडल के आधार पर झारखंड की नई शराब नीति लागू की गई थी. आरोप है कि फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर दो प्लेसमेंट एजेंसियों को काम दिया गया.
इसके अलावा शराब कारोबार से जुड़ी कई निजी कंपनियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. याचिका में कहा गया है कि होलोग्राम बनाने वाली कंपनी, मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी और थोक शराब का ठेका लेने वाली कंपनी की भूमिका की भी गहन जांच की जरूरत है.
याचिका में कहा गया है कि मामला दर्ज हुए करीब 14 महीने बीत चुके हैं, लेकिन जांच अब भी पूरी नहीं हुई है. आरोप है कि जांच आगे नहीं बढ़ रही है और आरोपियों के खिलाफ अब तक अदालत में आरोपपत्र भी पेश नहीं किया गया है.
डिफॉल्ट बेल का लाभ
गौरतलब है कि झारखंड में शराब घोटाला केस की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी कर रहा है. इस केस में झारखंड के पूर्व उत्पाद सचिव आईएएस विनय कुमार चौबे समेत कई शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है.
इस केस में पूर्व आबकारी आयुक्त अमित प्रकाश को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि डिफॉल्ट बेल के तहत अधिकतर आरोपियों को जमानत की सुविधा मिल चुकी है.
एसीबी ने आरंभिक तौर पर अनुमान लगाया था कि शराब घोटाले के जरिये सरकारी राजस्व को 38 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है. जबकि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का दावा है कि घोटाले का दायरा 1000 करोड़ के पार जा सकता है.
इससे पहले 2022 मे मरांडी ने शराब घोटाले को लेकर कई बातों पर पत्र लिखकर सीएम हेमंत सोरेन का भी ध्यान दिलाया था.
आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिलने पर सरकार की जांच एजेंसी की कार्रवाई पर भी उहोंने सवाल खड़े किए थे.
मरांडी ने कहा था, “झारखंड शराब घोटाला सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में चलाया गया संगठित आर्थिक अपराध है. छत्तीसगढ़-झारखंड के अंतर्राज्यीय शराब माफियाओं और सत्ता के करीबी लोगों की मिलीभगत से जनता की गाढ़ी कमाई को खुलेआम लूटा गया. एसीबी चाहे जितनी कोशिश कर ले इस मामले को दबाने की, लेकिन ईडी की कार्रवाई रुकने वाली नहीं है. केंद्रीय एजेंसियां लगातार इस घोटाले की परतें खोल रही हैं और सच अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश के सामने आ रहा है.”
