रांचीः झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने 20 लाख रुपए के इनामी और वाक्षिंत माओवादी रविंद्र गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को गिरफ्तार कर लिया है.
नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में यह सुरक्षा बलों की अहम सफलता है.
सोमवार को लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत लाधुप पंचायत के बांडीटोला से हुई इस गिरफ्तारी को पलामू और रांची प्रमंडल में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
रविंद्र गंझू प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन का रीजनल कमांडर था. झारखंड सरकार ने उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा था.
रविंद्र गंझू लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित हेसला मौजा के बांडीटोला का निवासी है. उसके खिलाफ लातेहार, लोहरदगा, गुमला और आसपास के जिलों में हत्या, नक्सली हिंसा, हथियार लूट, रंगदारी और विस्फोट जैसे 55 से अधिक मामले दर्ज हैं.
लुकइया मोड़ के पास बड़ा हमला
रविंद्र गंझू का नाम 22 नवंबर 2019 को लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के लुकुइया मोड़ के पास पुलिस दल पर हुए नक्सली हमले में सामने आया था. उसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चंदवा में जनसभा आयोजित थी.
सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात पुलिसकर्मियों पर माओवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था. इस हमले में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. जांच में रविंद्र गंझू को इस हमले का मुख्य आरोपी बनाया गया था.
हमले और पुलिस के हथियार लूटने के बाद रविंद्र गंझू ने अपने सहयोगियों को बोदा तालाब के पास पांच-पांच हजार रुपये का इनाम भी बांटा था.
दो और संदिग्ध हिरासत में
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविंद्र गंझू के अलावा दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. उनसे माओवादी संगठन से संभावित संबंधों को लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच के बाद उनकी भूमिका स्पष्ट होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
