झारखंड में सरकारी स्कूल के बच्चों को अब साइकिल की जगह ई-साइकिल मिलेगी. एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को इसकी कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है.
मुख्यमंत्री का ऐसा मानना है कि ई-साइकिल के माध्यम से दूर-दराज के दुर्गम इलाकों से आने वाले बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने में मदद मिलेगी.
अभी झारखंड में सरकारी स्कूल के बच्चों को 8वीं क्लास में साइकिल दी जाती है.
पूर्व की रघुबर दास सरकार में बच्चों को साइकिल खरीदने के लिए डीबीटी के माध्यम से पैसा दिया जाता था.
हेमंत सोरेन सरकार सीधा साइकिल खरीदकर बच्चों के बीच वितरित करती है. अब मुख्यमंत्री ने फैसला किया है कि बच्चों को पारंपरिक साइकिल की जगह ई-साइकिल दी जाए.
कौशल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यक्रमों को स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप पुनर्संरचित एवं सुदृढ़ किया जाए.
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर व्यावहारिक, परिणामोन्मुख एवं बाजार की मांग के अनुरूप होने चाहिए, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को वास्तविक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें.
