रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को एसआईआर एवं जनगणना से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए.
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज में सूचना के वाहक के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे वे अपने परिवार एवं समुदाय को भी इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर सकें. इसके लिए विद्यालय स्तर पर कार्यशालाएं, जागरूकता सत्र एवं विशेष अभियान संचालित किए जाने पर भी जोर दिया गया.
झारखंड मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर जोर
हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लाभान्वित लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद स्थापित किया.
इस दौरान उन्होंने लाभुकों से योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण, संचालित व्यवसाय, उससे हो रही आय, रोजगार सृजन की स्थिति तथा बैंकिंग प्रक्रियाओं से संबंधित अनुभवों की विस्तृत जानकारी ली.
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह जानने का प्रयास किया कि लाभुकों को व्यवसाय संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं हो रही है तथा बैंकिंग संस्थानों द्वारा उन्हें समुचित सहयोग मिल रहा है या नहीं.
मुख्यमंत्री ने लाभुकों से निरंतर संवाद एवं फीडबैक प्राप्त करने के उद्देश्य से कॉल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए.
अल्पसंख्यक, एकलव्य आवासीय विद्यालय
सीएम ने अल्पसंख्यक, एकलव्य आवासीय विद्यालयों एवं आदिवासी हॉस्टल की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए है.
बैठक के दौरान गढ़वा, देवघर एवं साहिबगंज जिलों में निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की.
उन्होंने इन विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, आधारभूत संरचना, छात्र-छात्राओं की नामांकन स्थिति तथा संचालन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिया कि इन संस्थानों का संचालन उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके.
इसके साथ ही, राज्य में स्वीकृत एवं संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, आवासीय सुविधाएं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए.
