रांचीः झारखंड में रविवार को उत्पाद सिपाही नियुक्ति को लेकर ली गई परीक्षा से ठीक पहले पुलिस ने कुख्यात सोल्वर गैंग के पांच सदस्यों और 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है. इनमें सोल्वर गैंग का सरगना अतुल वत्स भी शामिल है, जो देश के कई राज्यों में अलग- अलग प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित पेपर लीक का आरोपी रहा है.
इस गिरोह ने हर अभ्यर्थी से 10-15 लाख का सौदा किया था.
इस बीच आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने रांची में एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया है कि परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ है.
सोल्वर गैंग ने अभ्यर्थियों को जो प्रश्न पत्र मुहैया कराए थे, उससे मूल प्रश्न मेल नहीं खाते हैं. दो- तीन प्रश्न ही आशिंक तौर पर लड़ रहे हैं.
आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि तमाड़ से बरामद प्रश्नपत्र मूल परीक्षा के प्रश्नों से बिल्कुल अलग थे.
जिन 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है उनमें सात महिला भी शामिल हैं.
इस प्रेस कांफ्रेंस में रांची के एसएसपी, डीसी तथा पुलिस के अन्य अधिकारी भी शामिल रहे.
सॉल्वर गैंग का सरगना अतुल वत्स है, जो जहानाबाद बिहार के घोसी थाना क्षेत्र का रहने वाला है.
राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा 2017, नीट परीक्षा पेपर लीक 2024, रिव्यू ऑफिसर असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर परीक्षा बिहार, उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा 2024 पेपर लीक में भी यह सरगना संलिप्त रहा है.
एसएसपी ने बताया है कि रांची पुलिस को 11 अप्रैल को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि तमाड़ थाना अंतर्गत रड़गांव इलाके में एक अर्धनिर्मित भवन में 150 से अधिक जेएसएससी अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा है, जिनकी गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रही है.
प्राप्त सूचना के आलोक में विशेष छापामारी दल का गठन करते हुए देर रात छापेमारी की गई. छापेमारी में पाया गया कि उक्त भवन के बाहर गाड़ियों का जमावड़ा लगा था तथा वहां पर जैसे ही छापामारी दल पहुंचा तो उपस्थित करीब 150 से अधिक लोग इधर-उधर भागने लगे तथा अपने सामग्रियों को फेंकने और छिपाने लगे. लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया.

प्रारंभिक जांच एवं पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त स्थल पर 164 व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें अंतर्राज्यीय सोल्वर/ पेपर लीक गैंग के पांच व्यक्ति तथा 159अभ्यर्थी शामिल थे जिनमें सात महिला अभ्यर्थी भी थे.
उक्त स्थल पर प्रिंटर प्रश्न उत्तर के तैयार किए गए सेट फटे हुए एडमिट कार्ड संदिग्ध मोबाइल फोन और बैंक चेक पाए गए पेपर लेकर गैंग के उपस्थित सदस्यों के द्वारा इन अभ्यर्थियों का उक्त प्रश्न उत्तर सेट को हटाए जा रहे थे
दस- पंद्रह लाख में सौदा
जांच में यह तथ्य सामने आए कि उक्त गैंग के अलग-अलग सदस्यों के द्वारा ही अभ्यर्थियों को 10-15 लाख रुपए प्रति अभ्यर्थी की दर से परीक्षा पास करने हेतु प्रश्न एवं उनके उत्तर उपलब्ध कराने के साथ याद करने हेतु उक्त स्थल पर ले गए थे.
जांच के क्रम में यह अभी तक सामने आया है कि उक्त अभ्यर्थियों द्वारा पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन, एडमिट कार्ड इत्यादि गैंग के हवाले कर दिया गया था और कुछ अभ्यर्थियों के द्वारा बैंक चेक भी गैंग के सदस्यों को दे दिया गया था.
छापेमारी के दौरान आठ गाड़ियां भी जब्त की गई हैं. एसएसपी ने बताया है कि अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी के साथ जांच जारी है. इस मामले में तमाड़ थाने में एक कांड दर्ज किया गया है.
