रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जेएसएसी-सीजीएल) 2023 में कथित पेपर लीक मामले में शुक्रवार को धनबाद और बोकारो से गिरफ्तार चारों सफल अभ्यर्थियों को सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार जेल भेज दिया गया है.
ये चारों अभी नौकरी में थे. आरोप है कि चारों कथित तौर पर रिश्वत देकर जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में सफल हुए हैं.
खबरों के मुताबुक सीआईडी की एसआईटी ने अब तक करीब 150 संदिग्धों, अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया और उनसे
पूछताछ जारी है. अनुसंधान के क्रम में लगातार नए-नए अभ्यर्थियों को नोटिस भी जारी किया जा रहा है. इससे नौकरी कर रहे फर्जी अभ्यर्थियों में हड़कंप है.
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित झारखंड स्नातक योग्यता धारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में कथित अनियमितता के संबंध में दर्ज सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में जांच कर रही है.
गिरफ्तार अभ्यर्थियों धनबाद के नवाडीह थाना क्षेत्र में सनशाइन अपार्टमेंट में रहने वाला दीपक कुमार और धनबाद के ही राजगंज थाना क्षेत्र के धड़कीड़ के विजय तिवारी शामिल हैं.
इनके अलावा बीसीसीएल कॉलोनी दुग्दा, बोकारो से उमेश कुमार राय तथा रिवरसाइड सुदामडीह धनबाद से आनंद कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है. ये दोनो मूल तौर पर बिहार के रहने वाले हैं.
रिमांड पर है सोमांश और राहुल
कथित पेपर लीक मामले में सीआईडी ने दिल्ली से पिछले दिनों गिरफ्तार सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार को गिरफ्तार किया था. सीआईडी ने दोनों को पांच दिनों पर रिमांड लेकर पूछताछ कर रही है.
ये दोनों आरोपी जेएसएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी की सहयोगी संस्था आईसीएन के कर्मचारी हैं।.
वेबेल ने आईसीएन के माध्यम से ही जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा संचालित कराई थी, जिसमें इस संस्था के कर्मचारियों ने कथित पेपर लीक की थी. अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र बेचे गए थे और इससे एजेंसी लाभान्वित भी हुई थी.
सीआईडी को इस एजेंसी व इसके कर्मियों के विरुद्ध पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसकी छानबीन चल रही है.
मिथिलेश सिंह की है तलाश
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा का संचालन वेबेल ने जिस आईसीएन एजेंसी को दिया था, उस आइसीएन एजेंसी का संचालक मिथिलेश सिंह है.
मिथिलेश सिंह भी बिहार का रहने वाला है और दिल्ली में रहता था.
सीआईडी उसके ठिकानों पर पूर्व में कई बार छापेमारी कर चुकी है, लेकिन वह फरार मिला है. जल्द ही सीआईडी उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट लेकर उसकी तलाश करेगी.
