इसे उद्योगपति परिमल नथवाणी की राजनीतिक पकड़ और कॉरपोरेट जगत का प्रभाव कह सकते हैं कि जून महीने में झारखंड से राज्यसभा का सांसद बनने वाले परिमल नथवाणी के बेटे धनराज नथवाणी को अब उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है.
बुधवार को सपा के उम्मीदवार पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और धनराज नथवाणी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि राज्यसभा चुनाव के लिए दूसरे नाम का ऐलान सुनकर लोग चौंक जाएंगे. उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में कयासबाजी तेज हो गई थी. जब सपा ने रामगोपाल यादव के साथ धनराज नथवानी के नाम पर मुहर लगाई तो अखिलेश की बात सच साबित हुई. धनराज नाथवानी का नाम सामने आते ही उनके पिता और उद्योगपति परिमल नथवानी की चर्चा होने लगी.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होने हैं. संख्या बल के हिसाब से सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास 103 विधायक हैं जिनमें 101 सपा और 2 कांग्रेस के विधायक हैं.
चौथी बार के सांसद परिमल नथवाणी
उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की शीर्ष कोर टीम के परिमल नथवानी चौथी बार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. तीन बार झारखंड से और एक बार आंध्रप्रदेश से.
2020 में वाइएसआर कांग्रेस ने नथवाणी को आंध्रप्रदेश से उम्मीदवार बनाया था. नथवाणी वहां से चुनाव भी जीते.
2008 में पहली बार वे झारखंड से राज्यसभा के लिए चुने गए थे. इसके बाद 2014 और फिर 2026 में जीते. झारखंड से तीनों बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीते, लेकिन उन्होंने एनडीए के साथ पहले यूपीए और अब महागठबंधन के वोटों को भी साधा.
इस बार एनडीए के 24 विधायकों के समर्थन से चुनाव में उतरे नथवाणी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रणव झा को हराकर राजनीति में हलचल मचा दी. दरअसल, इस सीट के लिए वोटों का गणित आसान नहीं था. जीतने के लिए नथवाणी को एनडीए के अलावा अतिरिक्त वोटों की जरूरत थी. तमाम अटकलों और मोर्चाबंदी के बीच नथवानी ने सत्तारूढ़ खेमे में सेंध लगाते हुए चुनाव जीत लिया, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा. एक सीट पर जेएमएम के बैद्यनाथ राम की जीत हुई.
चुनाव के बाद कांग्रेस ने सरकार में सहयोगी राजद और भाकपा माले पर क्रॉस वोटिंग के गंभीर आरोप लगाए. राजद और माले ने आरोपों पर इनकार किया. फिर बात आई-गई हो गयी.
यूपी चुनाव से ठीक पहले धनराज की एंट्री
अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनके बेटे की एंट्री भी सपा की राजनीति में हो रही है.
इसके साथ ही राजनीतिक गलियारे में चर्चा जोरों पर है कि परिमल नथवाणी किसी भी दल से किसी भी राज्य से समर्थन हासिल करने के हुनर रखते हैं.
धनराज, रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक भी हैं. नथवानी परिवार अंबानी परिवार और पीएम मोदी और अमित शाह का करीबी माना जाता है.
राज्यसभा के लिए सपा के एक उम्मीदवार रामगोपाल यादव पार्टी की वैचारिक और संगठनात्मक निरंतरता का चेहरा हैं, जबकि धनराज नथवानी की पहचान राजनीति के पारंपरिक दायरे से बाहर कारोबारी, खेल और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े युवा चेहरे की है.
अपना नामांकन दाखिल करने के बाद धनराज नाथवानी ने एक्स पर लिखा, “उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए मुझे समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी का हृदय से आभार और धन्यवाद करता हूँ. सार्वजनिक जीवन के इस नए पड़ाव की ओर आज लखनऊ में माननीय अखिलेश यादव जी की उपस्थिति में राज्यसभा के लिए मैंने अपना नामांकन दाखिल किया.”
झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान अपने पिता परिमल नथवाणी के साथ धनराज को यहां सक्रिय देखा गया था. वे चुनाव के दिन और नतीजे आने के बाद भी यहां मौजूद रहे.
