रांचीः झारखंड में दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा ने अपना नामांकन भरा.
दोनों उम्मीदवारों के नामांकन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस के पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत सरकार के कई मंत्री और विधायक मौजूद थे.
सत्तारूढ़ दलों के नेताओं ने दोनों सीटों पर जीतने का दावा किया है. मतदान 18 जून को होगा. और इसी दिन नतीजे भी आएंगे.
56 विधायक अब आगे क्या
गौरतलब है कि सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक हैं.
जबकि अकेले झामुमो के पास 34 विधायक हैं और एक सीट पर पार्टी उम्मीदवार की जीत कंफर्म है. अगर सत्तारूढ़ दलों के विधायक वोट तक इंटैक्ट रहे, तो दोनों सीटों पर जीत हो सकती है.
इस बीच बीजेपी के समर्थन से उद्योगपति परिमल नथवाणी ने भी नामांकन भर दिया है. नथवाणी की उम्मीदवारी और सेंधमारी से बचने की चुनौती कांग्रेस के सामने है.
कांग्रेस के द्वारा उम्मीदवार की घोषणा के बाद छह जून को सत्तारूढ़ दलो-झामुमो और कांग्रेस के बीच तनातनी की तस्वीर उभरी थी, लेकिन अब दूरियां खत्म करने की कोशिशें की गई है.
इससे पहले शनिवार को झामुमो का रुख नरम पड़ा, जब रांची पहुंचे भूपेश बघेल ने हेमंत सोरेन से मुलाकात की.
इसके साथ ही झामुमो दूसरी सीट के लिए भी उम्मीदवार देगा, इसकी गुंजाइश खत्म हुई.
रविवार की रात हेमंत सोरेन के आवास पर सत्तारूढ़ दलों के मंत्री विधायक जुटे, जिसमें हेमंत सोरेन ने एक होकर चुनाव लड़ने और जीतने का आह्वान किया.
हालांकि एका को लेकर हुई इस बैठक के बाद भी कांग्रेस को झामुमो, राजद, माले के विधायकों का अपेक्षित सहयोग मिलेगा, इसे लेकर सवाल अब भी मौजूद हैं. वह इसलिए कि नथवाणी सत्तारूढ़ दलों के साथ विपक्ष दोनों को साधने का हुनक जानते हैं.
