कांग्रेस ने राज्यसभा की सात सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. इनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन को कर्नाटक से उम्मीदवार बनाया गया है. जबकि झारखंड में भी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है. प्रणव झा को झारखंड से उम्मीदवार बनाया गया है.
कर्नाटक से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को भी उम्मीदवार बनाया गया है. पवन खेड़ा कांग्रेस कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी है.
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटें खाली हुई हैं, जिनमें से कांग्रेस तीन सीटें जीत सकती है.
राहुल गांधी की क़रीबी नेता मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है. मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हुई हैं. हालांकि यहाँ चुनाव की नौबत आई तो कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
इधर झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और झारखंड में गठबंधन के सबसे बड़े दारोमदार हेमंत सोरेन ने राज्यसभा चुनाव को लेकर फिलहाल कोई पत्ते नहीं खोले हैं.
साथ ही झारखंड में गठबंधन दलों के नेताओं की कोई आधिकारिक तौर पर बैठक नहं हुई है.
हालांकि बीते शुक्रवार को झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने हेमंत सोरेन से मुलाकात कर एक सीट पर दावेदारी की थी.
इस बीच कांग्रेस ने अलग-अलग राज्यों के लिए सात उममीदवारों के नाम की सूची जारी कर दी है. इनमें झारखंड से प्रणव झा का नाम शामिल है.
हेमंत की रणनीति ही खास
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटें पर 18 जून को चुनाव होने हैं. अंकगणित के आधार पर दोनों सीटें इंडिया गठबंधन के खाते में आ सकती हैं.
एक सीट के लिए कांग्रेस, जेएमएम को मानने की कोशिश कर रही है.
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने ख़ुद सीएम हेमंत सोरेन से बात की है.
इस बीच यहां से कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के मीडिया सलाहकार प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है.
जबकि सत्तारूढ़ दलों के अलावा बीजेपी की निगाहें हेमंत सोरेन की रणनीति और निर्णय पर टिकी है.
बीते शुक्रवार को करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद हेमंत सोरेन के आवास से बाहर निकले के राजू ने मीडिया से कहा, “हमने राज्यसभा चुनाव को लेकर बातचीत की है. दोनों सीटों पर सत्तारूढ़ दलों की जीत तय करनी है और भाजपा की हार सुनिश्चित कराना है. हेमंत जी जल्दी ही इस पर अपनी बात कांग्रेस को बतायेंगे.”
18 जून, 2 सीटें और अंकगणित
दो सीटों पर होने वाले चुनाव में एक सीट झामुमो के संस्थापक अध्यक्ष शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई है. दूसरी सीट पर भाजपा के दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने वाला है.
झारखंड में सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक हैं और अगर एकजुट और रणनीतिक ढंग से वे चुनाव लड़े, तो दोनों सीटों पर उनकी जीत हो सकती है.
दरअसल, 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 28 विधायकों के वोट की जरूरत होगी.
इनमें झामुमो के पास 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक शामिल हैं.
अंकगणित के लिहाज से दोनों सीट सत्तारूढ़ दल जीत सकते हैं.
राजद के वोटों का फैसला तेजस्वी यादव लेंगे और भाकपा माले के दो वोटों को लेकर पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का निर्णय अहम होगा.
बीजेपी की नजरें कहां पर है
वहीं संख्याबल नहीं होते हुए भी बीजेपी ने राज्यसभा में उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है. जाहिर तौर पर बीजेपी की नजर सत्तारूढ़ दलों के विधायकों पर है. बीजेपी के पास 21 विधायक हैं. और एनडीए में 24.
एक वोट झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के जयराम महतो का है. जयराम किसका साथ देंगे, उन्होंने भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं. लेकिन कांग्रेस और बीजेपी दोनों जयराम का वोट हासिल करना चाहेगी.
लेकिन सत्तारूढ़ दलों में कोई पेच नहीं फंसा और हेमंत सोरेन ने दिल से ऱणनीतिक कमान संभाल ली, तो भाजपा की राह कठिन होगी.
