रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गहमागहमी और विधायकों को इंटैक्ट रखने की कोशिशें तेज है. सोमवार की शाम एनडीए विधायकों की हुई बैठक के बाद मंगलवार से उनका नया ठिकाना होटल रेडिसन ब्लू होने वाला है.
एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार उद्योगपति परिमल नथवाणी भी इसी होटल में ठहरे हुए हैं. सोमवार की शाम एनडीए विधायकों की बैठक में भी नथवाणी शामिल रहे.
खबरों के मुताबिक होटल में एनडीए के विधायकों के लिए 30 से अधिक कमरे बुक किए गए हैं. भाजपा और सहयोगी दलों के विधायक लगातार होटल पहुंच रहे हैं.
विधायकों को यहां मतदान की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी. मतदान के दिन सभी विधायक सीधे विधानसभा पहुंचेंगे. इससे पहले चुनाव की पूरी रणनीति इसी होटल से तैयार की जाएगी.
भाजपा विधाययक दल के नेता बाबूलाल मरांडी भी होटल पहुंचे. पत्रकारों के सवालों का उन्होंने सहजता से जवाब दिया.
उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी विधायक परिमल नथवाणी को वोट करेंगे. सोमवार की शाम हुई बैठक के बारे में उन्होंने अपनी बात कही.
यह पूछे जाने पर कि मैजिकल आंकड़े कैसे जुटाएंगे, उन्होंने कहा, “हमारे जो प्रत्याशी हैं वो इसके बारे मे बताएंगे. इसमें 81 विधायकों को वोट करना है.”
क्या दो दिन यहीं पर (रेडिसन ब्लू) में रहना है, इस सवाल पर बाबूलाल ने कहा, “क्या दिक्कत है भाई, कभी-कभी ऐसे अवसर मिलते हैं.”
18 को चुनाव, क्या है अंकगणित
राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को मतदान है. सत्तारूढ़ झामुमो ने बैजनाथ राम और कांग्रेस ने प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है.
इधर एनडीए के समर्थन से परिमल नथवाणी के खम ठोंकने से चुनावी बिसात बदल गई है. कांटे से कांटा निकालने का खेल चल रहा.
नथवाणी पहले भी झारखंड से दो बार राज्यसभा का सांसद रहे हैं और सत्तारूढ़ दलों के अलावा विपक्ष दोनों खेमे के समीकरणों को साधने का हुनर भी जानते हैं. इसके अलावा बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व तक उनकी सीधी पहुंच है.
एनडीए में 24 विधायक हैं. जीत के लिए प्रथम वरीयता में 28 वोट की जरूरत होगी. एनडीए के सभी 24 विधायकों के वोट हासिल करने के बाद भी नथवाणी को और चार वोट जुगाड़ने हैं.
सियासी गलियारे में चर्चा जोरों पर है कि सत्तारूढ़ दलों में वे सेंध लगाने की रणनीतिक बिसात के साथ ही यहां चुनाव लड़ने आए हैं.
सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक हैं. एक सीट पर जीत के लिए 28 विधायकों के वोट चाहिए होगी. अगर सत्तारूढ़ दल दोनों सीटों पर इंटैक्ट होकर लड़े, तो दोनों सीटें जीत सकते हैं.
हालंकि जोड़-तोड़ की इस चुनावी राजनीति में जेएमएम उम्मीदवार की जीत कंफर्म है. इसलिए कि जेएमएम के पास 34 विधायक हैं.
परिमल नथवाणी की रणनीति से पार पाने के लिए कांग्रेस भी हर कोशिशों में जुटी है कि सहयोगी दलों के 12 वोट उसे मिल जाए. साथ ही कांग्रेस के सबी 16 विधायक भी एकजुट रहें.
सहयोगी दलों में राजद के पास 4 और भाकपा माले के 2 विधायक हैं.
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के एक विधायक जयराम कुमार महतो ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं, पर राजनीतिक गलियारे में कयासों का दौर जारी है कि वे नथवाणी के समर्थन में जा सकते हैं.
बीजेपी की रणनीति के मद्देनजर महागठबंधन के विधायकों का जुटान मुख्यमंत्री के आवास पर होने वाला है.
दरअसल दोनों खेमे में रणनीतिकार विधायकों को वोट की प्रक्रिया और संभावित तकनीकी गड़बड़ी की ओर सचेत करना चाहते हैं.
