रांचीः झारखंड में हेमंत सोरेन कैबिनेट ने महत्वाकांक्षी राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स-2) के निर्माण के लिए 4189 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है.
गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है.
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के ‘रिम्स-2’ (RIMS-2) निर्माण के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है.
पीएमयू का गठन होगा
रिम्स-2 योजना के सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग के लिए ‘जागृति पीएमयू’ (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया जाएगा जबकि आईआईएम (IIM) रांची इस परियोजना में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में काम करेगा. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के आकलन के लिए XISS रांची को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
‘जी-राम-जी’ योजना
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कैबिनेट ने एक अहम फैसले के तहत राज्य में मनरेगा व्यवस्था को समाप्त कर ‘विकसित भारत – जी-राम-जी’ (वीबी- जी-राम-जी) योजना को लागू करने की मंजूरी दी है.
श्रावणी मेलाः पुलिस चौकियां
विश्व प्रसिद्ध सुल्तानगंज-देवघर श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए अस्थायी थानों के गठन को मंजूरी दी गई है। मेले के दौरान सुरक्षा के लिए 28 अस्थायी ओपी (आउटपोस्ट ) और 19 यातायात (ट्रैफिक) ओपी बनाए जाएंगे. ये सभी 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक एक्टिव रहेंगे.
नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन
झारखंड के विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए आगामी 8 और 9 जुलाई को देश की राजधानी नई दिल्ली में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. ‘नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026’ नाम के इस राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे.
53 ब्लॉक अंचल में एक ही अधिकारी
प्रशासनिक कामकाज को सुगम और तेज बनाने के लिए राज्य सरकार ने ‘एकल प्रशासनिक पदाधिकारी’ की व्यवस्था को मंजूरी दी है. यह व्यवस्था उन प्रखंडों और अंचलों में लागू होगी जहाँ 12 से कम पंचायतें हैं.
यह व्यवस्था उन प्रखंडों और अंचलों में लागू होगी जहाँ 12 से कम पंचायतें हैं. इन प्रखंडों और अंचलों में एक ही अधिकारी सीओ कम बीडीओ (CO Cum BDO) होंगे.
शेष राज्य के अन्य 164 बड़े प्रखंडों में बीडीओ और सीओ के पद पहले की तरह अलग-अलग बने रहेंगे.
सरकार ने यह फैसला राज्य प्रशासनिक सेवा के मूल कोटि के अधिकारियों की कमी को देखते हुए लिया है.
एक अन्य फैसले के तहत झारखंड में सदर अस्पताल में इंटरर्नशिप कर रहे विदेशी छात्रों को भी स्टाइपेंड मिलेगा. पहले चिकित्सा महाविद्यालयों में इंटर्नशिप करने वाले विदेशी छात्रों को ही स्टाइपेंड मिलता था. कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई.
