रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सीआइडी जांच के लपेटे में आई परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने कोई संबंध होने अथवा परीक्षाओं के संचालन से इनकार किया है.
एक सूचना जारी कर आयोग ने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा विगत वर्षों में संपन्न तथा वर्तमान एवं भावी परीक्षाओं के संचालन, परीक्षा प्रबंधन, परीक्षा प्रक्रिया अथवा किसी भी परीक्षा संबंधी कार्य से टीडीपीएल एजेंसी का किसी प्रकार का संबंध नहीं है.
आयोग के सचिव ने रविवार को सूचना प्रकाशित कर कहा कि आयोग द्वारा 20 मई 2025 को इस एजेंसी को परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से मुक्त करते हुए गैर सूचीबद्ध कर दिया गया है. उक्त तिथि के बाद या पूर्व में आयोग द्वारा संचालित किसी भी परीक्षा अथवा परीक्षा संबंधी गतिविधि में इस एजेंसी की किसी प्रकार की भूमिका, दायित्व अथवा सहभागिता नहीं है.
आयोग ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के संदर्भ में यह सूचना प्रकाशित की, जिसमें कहा गया था कि टीडीपीएल के पास जेएसएससी की पांच परीक्षाओं का जिम्मा था.
गौरतलब है कि जेपीएससी की परीक्षा में गड़बड़ी और विवादों के बाद जेएसएससी के रिजल्ट और परिणाम को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं.
गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में इस एजेंसी को कई प्रतियोगिता परीक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई थी. सीआइडी ने एस एजेंसी से जुड़े नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके अलावा आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया है. श्वेता गुप्ता समेत पांच लोगों को सीआइडी ने शनिवार से पांच दिनों के लिए रिमांड पर लिया है.
सीआईडी ने जांच के क्रम में इस एजेंसी के कई कर्मियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।
टीडीपीएल के मैनेजर रहे अभय तिवारी पर जेपीएससी और जेसएससी दोनों के एग्जाम पास करने का आरोप है, जिसकी जांच जारी है.
