झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएसी) की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच कर रही सीआइडी की एसआईटी शुक्रवार को भी पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते से पूछताछ कर रही है. यह तीसरा मौका है, जब पूर्व चेयरमैन सीआइडी के समक्ष पेश हुए हैं.
सीआईडी के अधिकारी उनसे भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा लेने वाली एजेंसी के कार्यकलाप, ओएमआर शीट, कट ऑफ मार्क्स, चेयरमैन की भूमिका समेत अन्य बिंदुओं पर लगातार जानकारी जुटा रही है.
सीआइडी की जांच की गति और कार्रवाईयों के संकेत हैं कि उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है.
दरअसल, पूर्व में आरोपियों के बयान और टीडीपीएल के कंप्यूटर से मिले डिजिटल साक्ष्यों के बाद जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
इससे पहले एल ख्यांगते से पहले दिन, 28 जुलाई को सीआई़डी ने करीब 8 घंटे और दूसरे दिन, 29 जुलई को 9 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी.
जांच के क्रम में उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है.
सीआइडी की टीम ने उनके कांके रोड स्थित सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय स्थित उनके कक्ष में छापेमारी की थी. करीब पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने कई दस्तावेजों को जब्त किया है.
हजारीबाग से एक अभ्यर्थी गिरफ्तार
गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के संबंध में जांच कर रही सीआइडी की एसआईटी ने गलत तरीके से 14वीं सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) पास करने वाले एक अभ्यर्थी सुमन सौरभ को गुरुवार को गिरफ्तार किया है.
जांच एजेंसी ने परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर सीआइडी थाना कांड संख्या 16/ 2026 के अनुसंधान के क्रम में यह कार्रवाई की है.
जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2025 (विज्ञापन संख्या 01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा में चयनित एक अभ्यर्थी सुमन ने अनुचित अनुचित तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण की थी . अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा हजारी विभाग पुलिस की सहायता से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
सौरभ सुमन के पास से ओएमआर की कार्बन कॉपी भी प्राप्त नहीं हुई है. उसने अपना अपराध को स्वीकार किया है. कांड का अनुसंधान प्रगति पर है.
श्वेता गुप्ता और अभय तिवारी
जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच अपराध अनुसंधान विभाग की एसआईटी कर रही है. आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय तिवारी और परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
गलत तरीके से पीटी पास करने वाले एक अभ्यर्थी की गिरफ्तारी के बाद सीआइडी ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है.
सीआइडी ने श्वेता गुप्ता समेत पांच लोगों को रिमांड पर लेकर लंबी पूछताछ की है.
श्वेता गुप्ता और अभय तिवारी से जांच एजेंसी को कई अहम जानकारी हासिल हुई है. इसी आधार पर जांच को रफ्तार दी जा रही है.
श्वेता गुप्ता समेत पांच आरोपियों के रिमांड की अवधि दो दिनों के लिए और बढ़ी है.
श्वेता गुप्ता और अभय तिवारी से जांच एजेंसी को कई अहम जानकारी मिली है.
छापे के बाद चेयरमैन का इस्तीफा
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) दफ्तर और परीक्षाओं का संचालन करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के ठिकानों पर 21 जुलाई को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की छापेमारी के बाद उसी दिन आयोग के चेयरमैन एल ख्यांग्ते ने इस्तीफा दिया था.
अगले दिन 22 जुलाई को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया था.
प्रशासनिक हलके में माना जा रहा है कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार के सख्त रुख को देखते हुए चेयरमैन ने अपना इस्तीफा दिया है.
1988 बैच के आईएएस रहे एल ख्यांग्ते राज्य के मुख्य सचिव भी रहे हैं.
