रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं मे गड़बड़ी की जांच कर रही सीआइडी की एसआईटी ने और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
मंगलवार की रात हुई इस कार्रवाई में जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत व रमेश कुमार शामिल हैं.
ये तीनों बतौर एजेंट अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे, उनके डॉक्यूमेंट लेते थे, उनसे पैसा वसूलते थे और अपने नेटवर्क से परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) तक पहुंचाते थे.
सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 के अनुसंधान के क्रम में यह कार्रवाई की गई है. अब तक जांच एजेंसी ने फर्जी तरीके से पीटी पास करने वाले एक अभ्यर्थी सौरभ सुमन समेत 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें जेपीएसएसी की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता भी शामिल हैं.
एजेंट बनकर काम कर रहे थे
इन एजेंट का परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह व मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी से बेहतर संबंध था.
रामवीर सिंह और अभय तिवारी से रिमांड पर पूछताछ के दौरान इन दलालों के बारे में सीआईडी को अहम जानकारी मिली.
इसके बाद सीआईडी ने इंटर स्टेट लिंकेज के माध्यम से इन्हें रांची से ही गिरफ्तार किया है.
इनके पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रानिक साक्ष्य मिले हैं, जिसमें इनके अभ्यर्थियों की परीक्षा में सेटिंग कराने से लेकर सेटिंग करने तक के साक्ष्य भी मिले हैं.
मंगलवार को सीआइडी के अधिकारियों ने परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, अभय कुमार तिवारी व प्रोग्रामर उस्मान से रिमांड पर लंबी पूछताछ की है.
3 अगस्त को 18 ठिकानों पर छापे
गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआइडी की एसआईटी ने झारखंड पुलिस के सहयोग से सोमवार को पांच जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी की थी.
सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 के अनुसंधान के क्रम में यह कार्रवाई की गई.
जांच एजेंसी ने जारी बयान में बताया था कि रांची पलामू हजारीबाग बोकारो और धनबाद जिले में पुलिस के सहयोग से कांड से संबंधित 18 ठिकानों पर छापेमारी कर जेपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं से संबंधित आवश्यक दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज, लैपटॉप, मोबाइल, विभिन्न बैंकों के पासबुक एवं चेक बुक मिले हैं.
इनके अलावा विभिन्न अभ्यर्थियों के ओएमआर शीट्स की कार्बन कॉपी एडमिट कार्ड एवं मार्कशीट इत्यादि बरामद किए गए हैं. अनुसंधान में ये तथ्य भी सामने आए हैं कि अभय कुमार तिवारी ने अब तक अलग-अलग करीब एक दर्जन प्रतियोगिता परीक्षाएं फर्जी तरीके से पास की है.
पूर्व चेयरमैन का इस्तीफा और लंबी पूछताछ
सीआइडी की एसआईटी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते से भी अब तक चार बार लंबी पूछताछ कर चुकी है.
सीआइडी के अधिकारी उनसे भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा लेने वाली एजेंसी के कार्यकलाप, ओएमआर शीट, कट ऑफ मार्क्स, चेयरमैन की भूमिका समेत अन्य बिंदुओं पर लगातार जानकारी जुटा रही है.
जांच के क्रम में उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है. जेपीएससी के दफ्तर में छापे के बाद ख्यांगते ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
