रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में जारी छात्रों के आंदोलन पर कांग्रेस के नेता और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि धरना में स्थानीय छात्र कम हैं और दिल्ली से आए लोग ज्यादा हैं.
इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि झारखंड में पेपर लीक नहीं हुआ है, बल्कि इसमें त्रुटियां पाई गई हैं. इस पर एक्शन हो रहा है और सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है.
इरफान अंसारी ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई चल रही है. अध्यक्ष का इस्तीफा ले लिया गया है और 12 लोग जेल भेजे जा चुके हैं. सरकार इस मामले में गंभीरता से काम कर रही है. जो लोग इसमें शामिल हैं, उन तक पहुंचेंगे और उन पर कठोर से कठोर कार्रवाई होगी.
भाजपा पर साधा निशाना
इरफान अंसारी ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि धरना स्थल पर उनके जाने के बाद वे सदमे में आ गए, क्योंकि जेपीएससी घोटाले की शुरुआत अगर किसी ने की है तो वह भाजपा ने की है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप प्रसाद की नियुक्ति किसने की थी? वह बाबूलाल मरांडी ने की थी. उसके बाद से जेपीएससी की परीक्षाओं में घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं. आज हेमंत सोरेन के परिवार का कोई भी व्यक्ति इसमें शामिल नहीं है, लेकिन बाबूलाल मरांडी का कोई न कोई जेपीएससी में जरूर है. सुदेश महतो के भी लोग हैं. उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी ने जो बीज बोया है, उसका साइड इफेक्ट अभी भी है. इसे हम दूर करने का काम कर रहे हैं.
