रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमशेदपुर के एसएसपी पियुष पांडेय और सरायकेला की एसपी निधि द्विवेदी को पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय में योगदान का आदेश दिया है.
मुख्यमंत्री ने जिलों में विधि व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने मे लापरवाही करने के कारण यह कार्रवाई की है.
इसके साथ ही कोल्हान के के आयुक्त एवं रांची के एडीजी को क्षेत्र में लगातार कैंप कर स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश दिया है. डीआईजी कोल्हान को जमशेदपुर में रहकर रहकर कानून-व्यवस्था की निगरानी करने को कहा गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा है, “जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी.”
एडीजी मनोज कौशिक जमशेदपुर में
गौरतलब है कि लौहनगरी जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर हुई हिंसक झड़प और हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर लोगों का गुस्सा उबाल पर है.
भाजपा के नेता लगातार कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. हालात को सामान्य करने और कानून व्यवस्था की निगरानी को लेकर एडीजी मनोज कौशिक मंगलवार को जमशेदपुर पहुंचे हैं.

वहां उन्होंने डीडी बार का जायजा लिया. इसके साथ ही घटना स्थल पर गए, जहां हिमांशु सिंह और प्रत्युष कुमार को पीसीआर वैन से खींच कर उन पर चाकू और चापड़ से हमला किया गया था.
इस हमले में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई है. जबकि प्रत्युष की स्थित गंभीर बनी हुई है.
जमशेदपुर पहुंचे एडीजी मनोज कौशिक ने कहा है कि इस घटना में शामिल अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा.
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं. आरोपियों को हर हाल में तीन दिनों के अंदर गिरफ्तार करने का टास्क दिया गया है.
उन्होंने कार्रवाई को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं. जगह- जगह पुलिस बल और गस्ती दल को तैनात किया जा रहा है.

पीसीआर वैन से खींचकर
उधर हिमांशु सिंह की मौत के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. सवाल उठाये जा रहे हैं कि पीसीआर वैन से खींच कर हिमांशु को बाहर निकाला गया और जानलेवा हमला किया गया. लेकिन पुलिसकर्मी सुरक्षा देने में विफल रहे.
इस हत्याकांड के बाद जमशेदपुर में दो दिनों से लोगों का गुस्सा उबाल पर है. स्थानीय लोगों ने सोमवार की रात बिष्टुपुर गोलचक्कर को जाम कर उग्र प्रदर्शन किया. कई सड़कों को भी जाम किया गया.
हिमांशु के परिजनों का सीधा आरोप है कि जब अपराधी पुलिस वैन से खींचकर हिमांशु पर चाकू से वार कर रहे थे, तब पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मूकदर्शक बनी खड़ी थी.
बार सील, चार पुलिसकर्मी सस्पेंड
इस बीच ‘डबल डाउन’ (डीडी) बार में हुई हिंसक झड़प और और करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद जिला प्रशासन ने बार को सील कर दिया है.
शनिवार की रात बार में कथित छेड़खानी का विरोध करने पर विवाद हुआ था. विवाद के बाद हिंसा की घटना हुई.
इसी मामले में लापरवाही को लेकर बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
निलंबन के बाद उनकी जगह पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाना का नया प्रभारी बनाया गया है.
इससे पहले पीसीआर वैन में तैनात दो एएसआई और एक आरक्षी को ड्यूटी में लापवरवाही को लेकर सस्पेंड किया गया था.
छह थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा
हिंसक घटना के बाद संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी, धालभूम ने छह थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दिया है.
यह आदेश बुधवार, 1 जुलाई से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा.
जारी आदेश के अनुसार, साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, पुतला दहन तथा किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन पर रोक रहेगा. साथ ही, बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
