झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी की सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द करने के सरकार के फैसले पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया है.
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने याचिकाकर्ता की दलील सुनने के बाद राज्य सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए राज्य सरकार से अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है.
भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है.
गौरतलब है कि हेमंत सोरन सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के बीच 22 परीक्षाओं, जिनमें कई नियुक्तियां हो चुकी हैं, को पिछले 18 अगस्त को रद्द कर दिया है.
सहायक वन संरक्षक और रेंजर की परीक्षा को रद्द करने के फैसले को चुनौती देना वाली याचिका में कहा गया कि परीक्षा की विभिन्न चरणों के पूरा होने के बाद राज्य सरकार ने अचानक संबंधित विज्ञापन को रद्द कर दिया.
याचिकाकर्ता ने इस फैसले को मनमाना बताते हुए अदालत से सरकार के रद्दीकरण आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.
महाधिवक्ता ने रखा सरकार का पक्ष
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने पक्ष रखा, जिसके बाद अदालत ने मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश पारित किया. अब इस मामले में सरकार के जवाब के बाद हाईकोर्ट आगे की सुनवाई करेगा.
इस फैसले पर बड़ी संख्या में उन अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हैं, जिन्होंने पहले ही पीटी और मुख्य परीक्षा पास कर भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार किया था. फिलहाल अदालत के अंतरिम राहत से इनकार करने के कारण सरकार का परीक्षा रद्द करने का आदेश प्रभावी बना हुआ है.
