रांचीः झारखंड बीजेपी प्रदेश की उपाध्यक्ष और सिंहभूम की पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल प्रतिनिधित्व का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों माताओं और बहनों के प्रति सम्मान है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
इसके साथ ही उन्होंने सभी सियासी पार्टियों से संसद के विशेष सत्र में उसे खुले दिल से समर्थन देने की अपील की है.
रविवार को रांची में पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में गीता कोड़ा ने विस्तार से अधिनियम पर चर्चा की और कहा कि अधिनियम का टाइटल- ‘नारी शक्ति वंदन’ महिलाओं को गुमान और गर्व से भर देता है.
उन्होंने कहा, “आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने का जो वादा किया था, वह अब 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ साकार हो रहा है. प्रधानमंत्री जी ने भी इसे ‘नए भारत’ की संकल्पना की ओर एक मजबूत कदम बताया है.”
गीता कोड़ा ने कहा कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वह इस अधिनियम में अपना समर्थन दें. ऐसे में 2029 के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा सुनिश्चित हो सकेगी.
विकसित भारत का लक्ष्य
गीता कोड़ा ने कहा, इस अधिनियम के तहत 33 पर्तिशत आरक्षण महिलओं को मिलेगा. ऐसे में वह विधानसभा से संसद में अभी भागीदारी सुनिश्चित करेंगी. साल 2047 का विकसित भारत ला लक्ष्य बिना महिलाओं के भागीदारी से संभव नहीं हो सकता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं के बारे में सोचा है. इसके लिए सभी महिलाएं उनका हृद्य से धन्यवाद कर रही हैं.
गीता कोड़ा ने कहा कि वर्ष 2024 तक भारत में कुल मतदाताओं में लगभग 48.62 प्रतिशत महलाएं हैं. यानी पुरूषों से मामूली कम. झारखंड में ही लगभग 1.28 करोड़ महिला मतदाता हैं. लेकिन हाल के कई चुनावों में महिलाओं का वोट प्रतिशत पुरूषों से ज्यादा होता दिख रहा है। यह जाहिर करता है कि महिला शक्ति, लोकतंत्र की मजबूती और खूबसूरती के लिए आगे बढ़ने को बेताब हैं. अब भारतीय राजनीति में ‘आधी आबादी’ केवल चुनाव प्रचार का हिस्सा नहीं रही, बल्कि निर्णायक वोट की भूमिका अदा कर रही हैं.
महिला सांसदों की संख्या पहली लोकसभा में लगभग 5% से बढ़कर 17वीं लोकसभा में 17% हो गई है. यानी 1952 में 22 महिलाएं थीं, जो 2024 में 75 हो गई हैं. इनमें 41 प्रतिशत बीजेपी से प्रतिनिधित्व कर रही हैं. अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने भारतीय राजनीति के फलक पर महिलाओं की भागीदारी को और ज्यादा सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है.
महिला सशक्तिकरण और आमूलचूल बदलाव
गीता कोड़ा ने कहा, “पिछले एक दशक में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार की सकारात्मक सोच और महिलाओं को सामाजिक तौर पर सशक्त करने के विभिन्न कार्यक्रमों के आमूलचूल बदलाव देखने को मिल रहे हैं.”
- देश में 32 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुले हैं.
- मुद्रा योजना के 68 प्रतिशत ऋण महिलाओं को प्राप्त हुए हैं.
- देश में 10 करोड़ महिलाएं स्वंय सहायता समूहों से जुड़ी हैं.
- जल जीवन मिशन के तहत 14.45 करोड़ घरों में साफ पानी पहुंचा है.
- उज्जवला योजना के तहत 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं.
- पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में 72 प्रतिशत घर महिलाओं का स्वामित्व.
- स्टैंडअप इंडिया के 84 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं.
- देश में मातृ मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है.
- बड़े पैमाने पर महिला सम्मान बचत प्रमाण पत्रों का वितरण हुआ है.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में भी महिलाओं ने अच्छा काम किया. जहां उन्हें मौका मिला उन्होंने वहां अच्छा प्रदर्शन किया है. अब महिला आरक्षण मिल जाने के बाद राष्ट्र निर्माण में महिलाओं भागीदारी अहम रहेगी.
प्रेस वार्ता में उन्होंने उन्होंने एक नंबर साझा करते हुए लोगों से मिस्ड कॉल करके इस अधिनियम का समर्थन करने की भी अपील की. यह नंबर है- 9667173333.
