रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है. मंत्री का कहना है कि एसआईआर के नाम पर राज्य के गरीब, आदिवासी, दलित, मुस्लिम, मूलवासी और आम लोगों को परेशान किया जा रहा है. राज्य की बड़ी आबादी अपना काम-धंधा छोड़कर कागजों और दस्तावेजों के लिए भटक रही है और दहशत में जी रही है.
इसके साथ ही मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की है. दरअसल, अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक खोजी (इनवेस्टिगेटिव) रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने बीते कुछ महीनों के दौरान कई मुद्दों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से असहमति जताई है.
हालांकि, चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को जारी प्रेस नोट में कहा कि आयोग के सदस्यों की ओर से उठाई गई टिप्पणियां, सुझाव और सवाल उसकी सामान्य आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं. साथ ही किसी भी फैसले से पहले अलग-अलग राय और सुझाव देना सामान्य बात है.
अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के बाद हेमंत सोरेन सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने एक्स पर एक अपने बयान का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कहा है कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है. अगर इसकी निष्पक्षता पर जनता के मन में सवाल पैदा हो रहे हैं तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर में साफ देखा जा रहा है कि भाजपा को मदद पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया चलाई जा रही है. ऐसे में भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है.
गौरतलब है कि झारखंड में एसआईआर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. दावे और आपत्ति के साथ वोटर लिस्ट में नाम जोड़वाने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है. इससे पहले प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी गई है.
