झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों, जांच और सरकार के फैसले को लेकर उपजे विवाद के बीच सोमवार का दिन महत्वपूर्ण है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाई कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई है
हाई कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द, छह को स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने के फैसले को चुनौती दी गयी है.
उधर सुप्रीम कोर्ट में 4वीं JPSC PT-2025 परीक्षा में कथित अनियमितता की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई होगी.
इन दोनों मामलों पर हजारों अभ्यर्थियों की नजर है, क्योंकि अदालत के फैसले से भर्ती परीक्षाओं के भविष्य और नियुक्ति प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ सकता है.
हाईकोर्ट में सरकार के फैसले को चुनौती
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ सोमवार को राज्य सरकार की ओर से 18 अगस्त को जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.
इस अधिसूचना के तहत सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, छह परीक्षाएं स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का फैसला लिया है.
अभ्यर्थियों की ओर से इन फैसलों को चुनौती देते हुए कहा गया है कि कई भर्ती परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी. ऐसे में पूरी प्रक्रिया रद्द करने से उन अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा, जिन्होंने वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा और चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरण पूरे किये हैं.
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सुप्रीम कोर्ट में CBI जांच पर सुनवाई
दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में भी सोमवार को झारखंड की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा अहम मामला सामने आयेगा.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ 14वीं JPSC परीक्षा में कथित धांधली से संबंधित सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगी.
