उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘मनुस्मृति’ वाले बयान को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर देश के लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह होना चाहिए.
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में एक बयान दिया है कि महिलाएं मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर अब बाहर आ जाएं. देश उनसे राहुल गांधी के रूप में बहुत अपेक्षा नहीं करता है, लेकिन भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में देश आपको लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह बनाता है.”
उन्होंने कहा, “संविधान की शपथ लेकर आप भारत की परंपरा और विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं. आप उत्तर प्रदेश के बाहर जाते हैं तो यूपी को अपमानित करते हैं और भारत के बाहर जाते हैं तो भारत का अपमान करते हैं.”
“आतंकवाद के ख़िलाफ़ देश की लड़ाई में देशद्रोही तत्वों को आप प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहित करते हैं. अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर आपकी पार्टी प्रश्न खड़ा करती है और लोकतंत्र के प्रति आपकी निष्ठा क्या है, यह तो देश ने 1975 में आपातकाल के काले साये को देखा है.”
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ऐसा कौन है जिसके जीवन में किसी न किसी रूप में महिला का सहारा न हो- चाहे वह मां, बहन, पत्नी या बेटी के रूप में हो? ऐसा कौन व्यक्ति है? क्या बिना पिता के कोई बेटी होती है? क्या बिना भाई के कोई बहन होती है? क्या कोई पत्नी पति के बगैर अपने अस्तित्व को मानती है. क्या कोई मां बेटे के बगैर अपने अस्तित्व को पूर्ण मानती है.”
गौरतलब है कि पुणे में राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मनुस्मृति का ज़िक्र किया. राहुल ने मनुस्मृति में महिलाओं के बारे में लिखे गए एक उद्धरण को शर्मनाक बताया था.
उन्होंने कहा, “महिलाएं किसी के अधीन नहीं हो सकती हैं.”
राहुल गांधी ने कहा, “एक समस्या है और काफ़ी बड़ी समस्या है. जब भी मैं पुरुषों से बात करता हूं, महिलाओं को तीन बॉक्स में रखा जाता है. महिलाओं को बेटी, पत्नी या मां के रूप में.”
