झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष और डुमरी से विधायक जयराम कुमार महतो का बरवाअड्डा के थाना प्रभारी को कथित तौर पर गाली-गलौज से जुड़े एक कथित ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में सिसायत भी गर्माने लगी है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी खुलकर जयराम महतो के समर्थन में उतरे हैं, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जेएलकेएम को बीजेपी की बी टीम बताते हुए सुदेश महतो पर तंज कसते हुए कहा है कि बीजेपी का टिश्यू पेपर बनना छोड़ दें. और झारखंडियों के सवाल पर लड़ें.
जेएमएम ने एक्स पर दो पोस्ट किए हैं. एक में पार्टी ने कहा है, “सुदेश महतो जी, भाजपा का टिश्यू पेपर बनने से बेहतर है कि झारखंडियों के समर्थन में खड़े हों और खनिज विधेयक जैसे अहम मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करें.”
एक अन्य पोस्ट में जेएमएम ने कहा है, “बीजेपी अपनी बी टीम के लिए खुलकर सामने आ गई है, तो सुदेश महतो के लिए चिंता होना स्वभाविक है. बीजेपी यूज एंड थ्रो में माहिर है. बाबूलाल मरांडी के साथ भी वही होना है. 2029 में उन्हें मार्गदर्शक मंडल में भेज दिया जाएगा. इसलिए सुदेश महतो समय रहते बीजेपी का साथ छोड़ दें और झारखंडियों का साथ देना शुरू करें. आपने (सुदेश महतो) एमएडीआर बिल पर शुरू में अच्छा स्टैंड लिया था, लेकिन बाद में बीजेपी के दबाव में आपको कदम पीछे खींचने पड़े. ”
जयराम के समर्थन में बाबूलाल ने क्या कहा था
जयराम के समर्थन में बाबूलाल मरांडी ने पुलिस एसोसिएशन के उन बयानों पर पलटवार किया था जिसमें जयराम महतो से माफी मांगने को कहा गया है.
मरांडी ने कहा है, आज अगर जनप्रतिनिधि और पुलिस के बीच ऐसी स्थिति पैदा हो रही है, तो इसके लिए राज्य सरकार की नीति और संरक्षण भी जिम्मेदार है.
मरांडी ने एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है. उन्होंने कहा, “विधानसभा सदस्य और थाना प्रभारी के बीच हॉट-टॉक के बाद पुलिस एसोसिएशन से लेकर तरह-तरह के बयान सामने आ रहे हैं. अच्छी बात है कि भाषा, शिष्टाचार और मर्यादा बनी रहनी चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह मर्यादा सिर्फ जनप्रतिनिधियों के लिए है. क्या पुलिस एसोसिएशन ने उस गालीबाज दारोग़ा के व्यवहार पर कारवाई की बात तो दूर, कभी निंदा या आम आदमी के साथ गाली की भाषा में बात करने को लेकर कभी किसी पुलिस वाले को नसीहत दी. है. क्या पुलिस को यह पता नहीं है कि बिना किसी की सहमति के उससे बातचीत को रिकार्ड कर वायरल करना किसी की निजता के हनन का अपराधिक काम है. क्या यह निजता हनन का कानून सिर्फ आमलोगों के लिये ही बना है, पुलिस के लिये नही? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जबाब देना जरूरी है.”
पुलिस एसोसिएसन और जयराम में ठनी
बरवाअड्डा के थाना प्रभारी को कथित तौर पर गाली-गलौज से जुड़े एक कथित ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस एसोसिशन और विधायक के बीच ठन गई है.
जयराम ने पहले ही कहा है “वह ऑडियो अथवा वीडियो आधा से ज्यादा एडिटेड है. थाना प्रभारी के साथ बस हॉट टॉक हुआ है”.
पुलिस एसोसिशन द्वारा विधायक से माफी मांगे जाने को कहे जाने के बाद उन्होंने इससे साफ इनकार किया है. इसके साथ ही वे बरवाअड्डा थाना प्रभारी के कार्यकलाप को लेकर और आम लोगों के साथ पुलिसिया बर्ताव को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं. बरवाअड्डा थाना प्रभारी के समर्थन में जहां पुलिस एसोसिशन सामने है, वहीं जयराम के समर्थन में जेएलकेएम ने मोर्चा खोल रखा है.
दरअसल जयराम के तल्ख होने और आरोपों की झड़ी के बाद एसोसिएशन ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की है. इस पर जयराम ने कहा है कि इस तरह की भभकी से वे नहीं डरते.
उन्होंने कहा है कि एसोसिशन में जो पुलिस वाले हैं और बरवाअड्डा के थाना प्रभारी, सबकी पोल पट्टी खोलेंगे.
एक वीडियो जारी कर उन्होंने आम लोगों से आग्रह किया है कि जहां भी पुलिस पल्बिक के साथ बदसलूकी करती है, उसकी जानकारी दें, वीडियो में हमें टैग करें, उनकी लड़ाई लड़ी जाएगी.
जयराम ने कहा है, “झारखंडवासियों से मेरी अपील… थाना हो या कोई भी भ्रष्ट पुलिस अधिकारी आपके साथ दुर्व्यवहार करता है, उत्पीड़न, अन्याय या प्रताड़ित करता है, जुल्म करता है या अवैध वसूली करता है तो सुरक्षित तरीके से उसका वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड करें, बने डरे उसे वायरल करें एवं मुझे टैग करें. आप किसी भी विचारधारा या किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, यदि आपके साथ अन्याय हुआ है या हो रहा है, तो न्याय की लड़ाई में मैं आपके साथ खड़ा रहूँगा. मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ूंगा, सड़क से सदन तक न्याय के लिए लड़ाई लड़ूंगा. न डरेंगे, न झुकेंगे, अन्याय के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे”.
