रांचीः झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दलों के अंदर सबकुछ ठीकठाक नहीं है. तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अचानक अपने आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई.
बैठक के बाद आवास से बाहर निकले मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफीजुल हसन और विधायक बैद्यनाथ राम ने कहा कि पार्टी राज्यसभा की दोनों सीटों पर प्रत्याशी खड़ा करेगी.
जेएमएम के नेताओं ने कहा कि पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई बैठक के दौरान तमाम बिंदुओं पर गहराई से मंथन किया गया. इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि कांग्रेस द्वारा बिना विश्वास में लिए प्रणव झा के रूप में प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी गई है. लिहाजा, भाजपा को रोकने के लिए पार्टी ने दोनों सीटों पर प्रत्याशी देने का फैसला लिया है.
जेएमएम के तेवर से कांग्रेस परेशान
झारखंड मुक्ति मोर्चा के इस तेवर से सरकार में सहयोगी कांग्रेस के माथे पर बल पड़े हैं. कांग्रेस के पास 16 विधायक हैं. बिना झामुमो और सत्ता में सहयोगी राजद, माले के विधायकों के समर्थन के वह चुनाव जीत नहीं सकती.
झामुमो को इस बात का एतराज है कि बिना हेमंत सोरेन की सहमति कांग्रेस ने प्रणव झा को उम्मीदवार घोषइत कर दिया है.
हालांकि कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्ठी बीते शुक्रवार को हेमंत सोरेन से मिलकर कांग्रेस आलाकमान की इच्छा से अवगत कराते हुए एक सीट पर दावेदारी पेश की थी.
अब झामुमो के बदले रुख से इसके संकेत मिल रहे हैं कि अगर सहयोगी दलों से तीन उम्मीदवार हो गए, तो एक सीट पर न झामुमो की जीत होगी और न ही कांग्रेस की जीत होगी.
